बच्चे छुट्टियाँ मना कर अपने अपने ठिकाने गए। दादा - दादी टीवी के आगे बैठे हैं ।
दादी - " चीवी चांऊ (टीवी चलाऊं) ?"
दादा जी - " हाँ..."
दादी - " मिक्की माउछ चांऊ !
दादा जी -" नहीं ऐलीफैत चाओ !"
दादा - दादी का सम्मिलित ठहाका गूंजा , लेकिन आंखों में नमी थी ।
उपासना सियाग
अबोहर

सादर वंदन
जवाब देंहटाएं2023 के वाद आ 2026
जवाब देंहटाएंमन प्रसन्न हुआ
वंदन
बहुत शुक्रिया जी
हटाएंदिल को छूने वाली लघु कहानी
जवाब देंहटाएंबहुत शुक्रिया जी
हटाएंउपासना जी, आपको लिखने के लिए बाध्य करने का आदेश हुआ है । इसलिए आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि दादा - दादी की कथा-व्यथा कहने वाले और प्रसंगों पर कलम उठायें और जी भर कर लिखें ।
जवाब देंहटाएंबहुत शुक्रिया जी 🙏
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