बच्चे छुट्टियाँ मना कर अपने अपने ठिकाने गए। दादा - दादी टीवी के आगे बैठे हैं ।
दादी - " चीवी चांऊ (टीवी चलाऊं) ?"
दादा जी - " हाँ..."
दादी - " मिक्की माउछ चांऊ !
दादा जी -" नहीं ऐलीफैत चाओ !"
दादा - दादी का सम्मिलित ठहाका गूंजा , लेकिन आंखों में नमी थी ।
उपासना सियाग
अबोहर