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Tuesday, July 10, 2012

फेसबुक की एक काली दुनिया में रोशनी की एक किरण.............

रागिनी ने अपने पति सोमेश के हाथ में एक पैकेट सा देखा तो पूछ  बैठी "कोरियर वाला क्या दे कर गया है ".
सोमेश भी थोड़ा सा मुस्कुराते हुए बोले "सुन्दरम की शादी का कार्ड है।" रागिनी ने झट से लगभग लपकते हुए कार्ड ले लिया सोमेश के हाथों से और देखने लगी कार्ड के ऊपर लिखा था "सुन्दरम वेड्स आंचल "....
देख कर रागिनी खिल सी पड़ी और बोली "अरे आंचल  से शादी हो रही है उसकी ,चलो प्यार पा ही लिया उसने अपना आखिरकार !"
तभी फोन की घंटी भी घनघना उठी दूसरी ओर सुन्दरम बोल रहा था "हे रागिनी !तुम शादी में जरुर आना एम् वेटिंग फॉर यू  एन योर फेमिली ...!"
रागिनी भी हंस पड़ी और वादा किया के वे सभी शादी में जरुर आयेंगे।
सोमेश भी हँसते हुए बोले "हाँ भई,  अब तुम्हारा मित्र है तो जाना ही पड़ेगा।"
रागिनी 53 साल की है और सुंदरम 28 वर्षीय ! अब पढने वाले भी सोच रहे होंगे के 53 वर्षीया रागिनी 28 वर्षीय सोमेश की मित्रता  कैसे हो सकती है ! लेकिन  ये जो फेसबुक है यहाँ पर ये संभव हो सकता है। फेसबुक कैसे अनजान लोगों से मिला कर उनको करीब ले आती है जैसे उनकी बरसों से पहचान हो या कोई पुराने बिछुड़े हुए मिले हों।
लेकिन रागिनी तो बहुत सोच समझ कर मित्रता करने वालों में से थी। सुन्दरम से  मित्रता कैसे हुई  ये भी कम रोचक नहीं थी।
 पति  अपने बिजनस में व्यस्त , छोटा बेटा अपनी पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे शहर में और बड़ी बेटी भी पढ़ाई के बाद अपना बुटीक सेट करने में व्यस्त हो गयी तो रागिनी अपना समय फेसबुक पर बिताने में व्यस्त हो गयी।
एक दिन ऐसे ही फ्रेंड्स सर्च कर रही थी तो वह देख कर हैरान रह गयी की बहुत ही भद्दे और अश्लील नामों  और चित्रों वाले लोग भी हैं जिन्होंने अपनी आई .डी . बना रखी है। फिर उसने एक-दो नाम पर क्लिक किया और उनका प्रोफाइल्स खोल कर देखे तो सन्न रह गयी। बहुत ही गंदे अन्तरंग दृश्यों और घटिया विडिओ थे वहां पर।
रागिनी का तो दिमाग ही घूम गया के ये क्या है ...!एक बार तो उसने सोचा के इनको फ्रेंड्स -रिक्वेस्ट भेजी जाये पर अगले ही पल वो घबरा गयी ये तो बहुत गलत होगा उनमे से कोई उसे ही ऐसे फोटो भेज देगा तो उसकी इज्ज़त क्या रह जायेगी।
पर वो बहुत बैचेन रही कई दिन तक और सोचती रही कि फेसबुक की कोई काली दुनिया भी है ये तो उसने सोचा ही नहीं उसे तो अभी तक सब अच्छा ही दिखा  था। फिर एक दिन जब घर में कोई नहीं था उसने एक नकली नाम  और शहर से अपनी कम उम्र लिखते हुए आई .डी . बना डाली और अपने  ज़माने की एक ग्लेमरस हिरोइन की फोटो भी लगा दी। फिर ऐसे -वैसे ,टेढ़े मेढ़े  नाम वालों को रिक्वेस्ट भी भेज दी और सभी रागिनी के मित्र भी बन गए।
ऐसे ही एक अश्लील नाम वाले ने रागिनी से चेट  शुरू की " हे सेक्सी ...!" और रागिनी के दिल की धड़कन बढ़ गयी हा ....!! इस उम्र में ये शब्द उफ़ ....! अगले ही पल वो धडाम से नीचे गिरी "हे  आशिका डार्लिंग "हाउ आर यू ....!"
और रागिनी को धीरे से हंसी आ गयी ये शब्द 53 साल की रागिनी के लिए नहीं थे बल्कि ये तो 35 वर्षीया आशिका  के लिए थे। अब थोड़ी से संयत हो गयी ....और बोली "(लिखा ) मुझे बहुत जोर से हंसी आ रही है। ये तुम्हारा नाम किसने रखा है तुम्हारे पापा या मम्मा ने !"
दूसरी तरफ से लिखा हुआ आया के उसका असली नाम नहीं उसका नाम तो राजेश है .
"तो फिर ऐसा नाम रखने का मतलब "रागिनी ने फिर से टोका और कई बार उसकी माँ के बारे में भी कुछ बातें की तो शायद राजेश नाराज़ हो गया और बोला "देखो आशिका ,तुम्हें अगर मुझसे बात करने में कोई रूचि नहीं है तो मत करो पर बार - बार मेरी माँ का नाम लेने की जरुरत नहीं है उसने मुझे और मेरी बहन को बहुत मुश्किल से पाला है मेरे पिता तो बहुत पहले इस दुनिया से जा चुके हैं। "
ये सोच कर तो रागिनी को बहुत दुःख पहुंचा और उसे डांटने लगी "अच्छा तो तुम अपनी माँ  की तपस्या का ये फल चुका  रहे हो ,बहुत अच्छे ...! शाबाश बेटे ...."और भी बहुत कुछ लिख दिया उसने।
बेटा सुनने के बाद शायद उसको बहुत शर्म महसूस हुई होगी और बोला" प्लीज़ मैम ,अब आगे कुछ मत बोलिए "और राजेश ने उसको आउट कर दिया शायद ब्लोक कर दिया क्यूँ की उसके बाद वो उसको नज़र नहीं आया .ये सोच कर उसे अच्छा लगा कि  उसको रागिनी की डांट  का असर हुआ पर एक दिन उसने अपनी असली आई डी  से उसे देखा तो वह वही मौजूद था    रागिनी उस रात देर तक सो नहीं पायी और सोचती रही ये फेसबुक क नशा चढ़ जाता है पर ऐसा भी होता है।,ये तो उसने सोचा ही नहीं। फिर उसकी आत्मा ही काँप उठी यह सोच कर ,क्या मालूम उसके बेटे ने भी ऐसी कोई प्रोफाइल बना रखी हो !और भी ना जाने कितने ही बुरे ख्यालों में डूबती - उतरती रही ........!
सुबह बेटी की आवाज़ से ही आँख खुली वो पुकार रही थी " मम्मा चाय !!....आपको भी फेसबुक की लत पूरी तरह चपेट में ले रही है अगली बार से आप भी पापा के साथ जाया करो ! "
"तुम्हारी शादी हो जाये फिर निश्चिंत हो कर जाया करुँगी !",और मुझे इसकी  कोई लत नहीं है ये तो रात को नींद ही नहीं आयी इसलिए उठ नहीं पाई "अब रागिनी भी बेटी को क्या बताती।
दिन में काम भी करती रही पर मन बेचैन भी था के ये हमारी नयी पीढ़ी कहाँ  जा रही है और पता ही नहीं चलता कौन यहाँ लड़का है और कौन लड़की और क्या पता असली -नकली भी है या नहीं ...!
फिर उसने सोचा मुझे क्या है ये सभी की अपनी-अपनी जिन्दगी है सबका अपना ढंग है उसे क्या है और तय किया की वो उस आई. डी .को बंद कर देगी।
रात को फेसबुक को खोलते ही उसका दिमाग चकरा  गया अरे ...!इतनी सारी फ्रेंड - रिक्वेस्ट और घटिया मेसेज भरे पड़े थे।अब तो रागिनी को बहुत शर्मिंदगी सी महसूस हुई  की क्या वो ऐसी घटिया है। तभी  उसकी सोच को विराम लग गया क्यूँ कि  मेसेज बॉक्स में एक मेसेज उछल कर आया ,"हे आशिका ....हाउ आर यू  डियर ....!
रागिनी का मन बहुत वितृष्णा  से भरा हुआ था और लिख दिया " नमस्ते "
"हा हा, नमस्ते ...!!आई ऍम हैंडसम ,मीन ,माय नेम इज  हैंडसम !  ...डू  लाईक टू  चेट  मी ..! मुझे हिंदी थोरा- थोरा ही आता है। "
"ओके ...एस ...! बट , आर यू  गर्ल ओर  बॉय ....!"रागिनी ने थोड़ा  अनमने ढंग से बात की।
"ऍम 28  ....बॉय "...दूसरी तरफ से जवाब था। "और  तुम "..
अब रागिनी ने भी सब झूठ ही कहा क्यूँ की यहाँ पर जो था सब झूठ की बुनियाद पर ही था।फिर बातें करते हुए  रागिनी ने उससे उसका असली नाम पूछा और कहा के तुम ये सब क्यूँ करते हो तो उसने अपना नाम सुन्दरम बताया और कहा की मेरी असली आई. डी. कोई और ही है ये तो सब मुझे कुछ देर की राहत दिलाता है पर रागिनी से भी पूछा के वो तो शादीशुदा है फिर वह क्यूँ यहाँ है। तो रागिनी से भी रहा नहीं गया और कहा "मैं यहाँ देखने आयी हूँ ये फेसबुक की काली दुनिया का रहस्य क्या है लोग ऐसे क्यूँ कर रहे हैं।" इस पर वो हंस पड़ा।
उसने कहा ,वो एक लड़की से प्यार करता है और वो उत्तर भारतीय है। उसने तो अपने माँ-बाप को मना लिया है पर लड़की वाले नहीं मानते इसकी वजह से वो लड़की भी तैयार नहीं है शादी के लिए ,जब वो उसे बहुत मिस  करता है तो यहाँ चला आता है।अभी उसकी नौकरी भी नहीं दो महीने बाद ही ज्वाइन करेगा तब तक उसे यहाँ आना बहुत अच्छा लगता है। रागिनी को अब लगने  लगा था ,वह  ये सब क्या कर रही है उसे क्या है किसी को सुधारने का ....!
मन ही मन वो बहुत अनमनी सी रहने लगी क्या कोई भी नहीं है जो इसकी शिकायत करे। इन फोटो और अश्लील विडिओ पर रोक लगाने वाला कोई नहीं है ...! ये हमारी नयी पीढ़ी कहाँ जा रही रही जिसको देखो इंटरनेट पर ,चाहे मोबाईल हो या कम्प्यूटर या कोई अन्य  साधन ,सारी  दुनिया ही पागल हुई जाती लगी उसे  ...!
जब सोमेश लौटे तो उसने सब  कुछ बताया तो वो भी नारज से हुए और कहा "तुम से भी रहा नहीं जाता फिर से शुरू हो गयी समाज को सुधारने ...तुम्हारे करने से क्या होगा।"
पर रागिनी को सुन्दरम की बातें बहुत प्रभावित करती थी और उसको समझाने की कोशिश की के वह  कुछ और बातों और चीज़ों में ध्यान लगा सकता है ऐसे ही बातें करते हुए उसने सुन्दरम को अपने बारे में सच बता दिया और कहा " सुन्दरम ,मैं ये गलत और नकली आई . डी . बंद करने जा रही हूँ और तुम भी ये बंद कर दो।"
सुन्दरम ने अपना असली आइ . डी . का लिंक देते हुए उसको बाय कहा के अब असली पहचान के साथ ही मुलाकात होगी।
फिर रागिनी के साथ - साथ  सोमेश ने भी राहत  की सांस ली क्यूँ की बहुत दिनों बाद रागिनी के चेहरे पर निश्चिन्तिता के भाव थे और वो मुस्कुरा भी रही थी।
एक दिन सुन्दरम ने कहा " मेरे घर वाले मेरे लिए लड़की देख रहे हैं और मैं तो तुम जैसी लड़की से शादी करना चाहता हूँ पर तुम्हारी उम्र की नहीं ...!"
इस पर रागिनी को बहुत हंसी आयी और बहुत लाड से कहा " देखो सुन्दरम  तुम मुझे मेरे  बेटे जैसे ही लगते हो।" वो भी सुन कर बहुत खुश हुआ पर बोला कि वह  उसे रागिनी ही बोलेगा क्यूँ कि  रागिनी उसकी सबसे अच्छी  मित्र थी और उसी के कारण वह एक गन्दी दुनिया और मानसिकता से बहार निकला था।
फिर एक दिन उसने कहा के उसकी शादी की बात, आँचल से ही हो रही है और शायद बात बन जाये उसका खडूस बाप मान ही जाये क्या मालूम ...!
और आज शादी का कार्ड सामने था। 15 दिन बाद शादी थी पर तैयारी तो अभी से शुरू करनी थी सो रागिनी बहुत उत्साह से जुट गयी।




16 comments:

  1. Upasanaji.............. Wah Kammal kar diya appna..... Sachai ko sunder varnan kar ujjgaar kar diya..... Dhanayvad

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  2. सच को कहती अच्छी कहानी

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  3. a very good read.......
    thanks

    anu

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  4. bahut sundar kahaani likhi hai Upasna ji ...hardik badhaa'ee

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  5. बहुत ही सुंदर चित्रण किया ...इस कलि दुनिया के सच का .......उपासना सखी

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  6. बहुत खूब उपासना जी सुंदर कहानी ....

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  7. सचमुच अच्छा किया ..रागिनी ने सुन्दरम को सुधारकर ....' अच्छी कहानी '

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  8. यथार्थ को दर्शाती एक सुंदर कहानी --बधाई आपको

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  9. Upasnaji Bahut hi Sunder Story hai,aaj ke Sach ko Ujaghar karti story hai,kisi ek vyakti ko sudhar kar achha kaam kiya Ragini ne .....

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  10. Upasana jikya is khaalipan ka koi ilaaj nahi hai.har kisi mei aap jaisi vilakshan pratibha nahi hoti.Bahut sunder kahani hai.kahani ya sach,kisi-kisi ke liye ye sach bhi hoga.

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    1. बहुत -बहुत शुक्रिया आपका कहानी पसंद करने के लिए ......खली पन का इलाज़ तो है ,जैसे आप छोटे बच्चों को पढ़ा सकते हो या आस पास के बच्चों की प्रोजक्ट फाइल्स बना सकते हो या मंदिर पसंद करते हो तो नहीं तो जिम जाना शुरू कीजिये या कोई भी आपमें कला छुपी हो उसको उभारिये.....नहीं तो ये अकेला पन हमारे दिमाग को निष्क्रिय कर देगा और एक दिन हम अल्जाइमर नामक बीमारी का शिकार हो जायेंगे

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  11. उपासना जी, आपकी कहानी सकारात्‍मक अहसास दे गई... सच है कि यह फेसबुक आपको बिलकुल वैसा ही मिलेगा जैसा आप चाहते हो... अययाशी करने वालों के लिए स्‍वर्ग और सोचने-समझने और जागरुक होने के लिए भी स्‍वर्ग है... यह फेसबुक
    यह तो हमारे उपर है कि हम अपने लिए क्‍या चुनना चा‍हते हैं...

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  12. ...फेसबुक का कड़वा सच बाहर निकाल कर लाये है आप...वास्तविकता....

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